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अब्दुल कलाम 200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण । 200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in Hindi

अब्दुल कलाम आज़ाद  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण – 200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in Hindi

डॉ अब्दुल कलाम प्रत्येक विद्यार्थी के लिये एक महत्त्वपूर्ण नाम है I डॉ अब्दुल कलाम से हमें जीवन में सदा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की शिक्षा मिलती है I  अब्दुल कलाम से जुड़े छोटे निबंध जैसे  अब्दुल कलाम आज़ाद  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in Hindi 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

डॉ. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को रामेश्वरम्, तमिलनाडु में हुआ था। इनका जन्मस्थान प्राकृतिक छटा से भरपूर द्वीप जैसा एक छोटा-सा शहर था। शायद इसीलिए इनका प्रकृति से बहुत जुड़ाव रहा।

इनका पूरा नाम ‘डॉक्टर अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम‘ था, लेकिन लोगों के बीच ये ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम से प्रसिद्ध थे। इनके पिता ‘जैनुलाबदीन’ न तो ज्यादा पढ़े-लिखे थे, न ही पैसे वाले थे। वे नाविक थे और नियम के बहुत पक्के थे।

ये मछुआरों को नाव किराए पर दिया करते थे। इनके संबंध रामेश्वरम के हिंदू नेताओं तथा अध्यापकों के साथ काफी स्नेहपूर्ण थे। अब्दुल कलाम ने अपनी आरंभिक शिक्षा जारी रखने के लिए अखबार वितरित करने का कार्य भी किया था। इनका जीवन रोचक उपन्यास से कम नहीं है।

डॉ. कलाम प्रसिद्ध वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में विख्यात रहे। डॉ. कलाम को भारत का 11वां राष्ट्रपति 18 जुलाई, 2002 को नब्बे प्रतिशत बहुमत से चुना गया। इनका कार्यकाल 25 जुलाई, 2002 से 25 जुलाई, 2007 तक रहा।

इन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता था। अपने जीवन में वैज्ञानिक उपलब्धियों के कारण डॉ. कलाम को जहां कई उपाधियों से नवाजा गया, वहीं भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म भूषण (1891), पद्म विभूषण (1990) और देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न (1997) से भी सम्मानित किया गया।

गैर राजनीतिक व्यक्ति होने के कारण इन्हें जनता का राष्ट्रपति भी कहा जाता है। विज्ञान की दुनिया में चमत्कारिक प्रदर्शन के कारण ही राष्ट्रपति भवन के द्वार इनके लिए स्वत: खुल गए. यह कहना भी गलत न होगा।

इनका निधन 27 जुलाई, 2015 को दिल का दौरा पड़ने से उस समय हो गया जब ये शिलोंग स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलोंग में रहने योग्य ग्रह’ पर एक व्याख्यान दे रहे थे। लोगों के दिल में इनका क्या स्थान था, इसका अंदाजा इस बात से होता है कि इनके अंतिम संस्कार में साढ़े तीन लाख से अधिक साधारण एवं विशिष्ट लोगों ने भाग लिया था।

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200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in English

200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalaam

Dr. Abdul Kalam was born on October 15, 1931, in Rameswaram, Tamil Nadu. His birthplace was a small island-like town full of natural beauty. Maybe that’s why he was so attached to nature.

His full name was ‘Dr. Abul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam’, but among the people he was A.P.J. Abdul Kalam was popularly known as. His father ‘Jainulabadin’ was neither much educated nor wealthy. He was a sailor and was very strict about the rules.

They used to rent boats to the fishermen. His relations with the Hindu leaders and teachers of Rameswaram were very cordial. Abdul Kalam also did the work of distributing newspapers to continue his early education. His life is no less than an interesting novel.

Dr. Kalam was noted as a famous scientist and engineer. Dr. Kalam was elected the 11th President of India on July 18, 2002, with a ninety percent majority. His tenure lasted from July 25, 2002, to July 25, 2007.

He was also known as Missile Man. Due to scientific achievements in his life, while Dr. Kalam was awarded many titles, he was also honored by the Government of India with Padma Bhushan (1891), Padma Vibhushan (1990), and the country’s highest honor Bharat Ratna (1997).

Being a non-political person, he is also called the President of the people. Due to the miraculous performance in the world of science, the doors of Rashtrapati Bhavan automatically opened for them. It would not be wrong to say that.

He died of a heart attack on July 27, 2015, while delivering a lecture on ‘Livable Planets’ at the Indian Institute of Management, Shillong, Shillong. What was his place in the hearts of the people, it is estimated from the fact that more than three and a half lakh ordinary and special people took part in his funeral.

मै आशा करती हूँ कि अब्दुल कलाम पर लिखा यह निबंध (  अब्दुल कलाम 200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण । 200-300 Words Essay, speech on Abdul Kalam in Hindi ) आपको पसंद आया होगा I साथ ही साथ आप यह निबंध/लेख अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर साझा ( Share) करेंगें I

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नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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