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वसंत ऋतु पर 600 शब्दों में निबंध, भाषण । 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

वसंत ऋतु पर 600 शब्दों में निबंध, भाषण । 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

वसंत ऋतु से जुड़े छोटे निबंध जैसे वसंत ऋतु पर  600 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

600 Words Essay Speech on Spring Season in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

भारतवर्ष की छह ऋतुओं में ऋतुराज वसंत आनंद एवं जवानी का प्रतीक है। वसंत ऋतु का आगमन होते ही शिशिर से ठिठुरते तन-मन में नवीन स्फूर्ति, आनंद एवं उल्लास का संचार हो जाता है। इसके मादक स्पर्श से कोई अछूता नहीं रहता। इसकी महिमा का गुणगान तो भगवान श्रीकृष्ण ने भी किया है।

वे ‘गीता’ में कहते हैं, “ऋतूनां कुसुमाकरः अर्थात ऋतुओं में मैं ही वसंत हूं।”

भगवान श्रीकृष्ण

वस्तुतः वसंत ऋतु का आगमन होते ही प्रकृति के कण-कण में छिपा श्रीकृष्ण का वैभव एवं ऐश्वर्य प्रकट होने लगता है। चारों दिशाओं से आती कोयल की ‘कुहू कुहू’ आवाज में भक्तों को श्रीकृष्ण की बांसुरी सुनाई पड़ने लगती है। यों तो चैत और बैसाख वसंत ऋतु के मुख्य माह माने जाते हैं, लेकिन माघ की शुक्ल पंचमी या वसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु अपने शुभागमन की सूचना देती है। इस दिन को ‘वसंतोत्सव’ के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन से ठिठुराने वाली क्रूर शिशिर ऋतु अपना बिस्तर समेटने लगती है और कविवर रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के शब्दों में यह कहती जाती है –

मैं शिशिर शीर्णा चली,
अब जाग ओ मधुमासवली ।

रामधारी सिंह ‘दिनकर’

वसंत ऋतु में प्रकृति समशीतोष्ण रहती है अर्थात न तो ज्यादा ठंड होती और न ही ज्यादा गर्मी, इसीलिए अमीर-गरीब सभी को वसंत समान रूप से आनंदित करता है। सचमुच शिशिर की कंपकपाती ठंड से ठिठुरे प्राणियों को जब वसंती हवा स्पर्श करती है, तो उनका रोम-रोम पुलकित हो उठता है। फलत: चराचर के सभी प्राणी वसंत की अगवानी के लिए अपने-अपने घरों से बाहर निकल पड़ते हैं। कविवर नागार्जुन के शब्दों में –

मलय समीर गुलाबी जाड़ा, सूर्य सुनहला,

जग वसंत की अगवानी में बाहर निकला।

नागार्जुन

पतझड़ की मार से वीरान दिखने वाले पेड़-पौधे वसंत का स्पर्श पाते ही नये-नये पल्लवों तथा पुष्पों से लद जाते हैं। विभिन्न प्रकार रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं; यथा-हरसिंगार, बेला, मौलवी, चमेली, टे गेंदा, गुलाब तथा रजनीगंधा आदि। ऐसा प्रतीत होता है, मानो प्रकृति रानी ने नम परिधान धारण कर लिया है और रंग-बिरंगे पुष्प उस परिधान पर जड़ी सतरंगी बूटियां बन गई हैं। पुष्प पराग एवं आम्र मंजरियों को भीनी-भीनी गंध से सारा वातावरण सुगंधित रहता है, मानो प्रकृति रानी द्वारा प्रयुक्त इत्र की खुशबू सर्वत्र फैल गई हो।

कोयल के पंचम आलाप और भौरों के गुंजन आदि से वातावरण संगीतमय बनता है, मानो प्रकृति के स्वागत में संगीत का आयोजन किया गया हो। संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि वसंत में प्रकृति नई नवेली दुल्हन की तरह सज-संवर उठती है, जिस पर मलय पवन पंखा झलता रहता है।

ऋतुराज वसंत का वर्णन देशी-विदेशी सभी साहित्य में मिलता है। कहा जाता है कि वह कवि ही नहीं, जिसने वसंत का वर्णन नहीं किया। जयदेव की इन पंक्तियों में वसंत ऋतु का सुंदर चित्रण हुआ है

ललित लवंग-लता परिशीलन कोमल मलय समीरे, मधुकर-निकर करम्बित कोकिल कुंजित कुंज-कुटीरे।

कवियित्री सुभद्रा कुमारी चौहान को भी वसंत ऋतु में गांव के खेतों में लगे सरसों के पीले फूल बहुत आकर्षित करते हैं

पीली सरसों ने दिया रंग,

मधु लेकर आ पहुंचा अनंग।

कवियित्री सुभद्रा कुमारी चौहान

वसंत ऋतु आनंद, हर्ष एवं प्रसन्नता की द्योतक है। हमारा मन हर्षित हो, इसके लिए कोई समय निश्चित नहीं होता। जब भी मन खुशियों से नाच उठे,

वही समय वसंत ऋतु है। इसीलिए डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा है

वसंत आता नहीं, ले आया जाता है।

डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी

वसंत ऋतु का आगमन मानव को एक संदेश देता है और प्रकृति के एक शाश्वत सत्य को उद्घाटित करता है। वसंत कहता है, “हे मानव! तुम्हारे जीवन में खुशियां अवश्य आएंगी, जब तुममें दुख को भी सहर्ष झेलने की क्षमता आ जाएगी। क्योंकि जो मनुष्य शिशिर की कड़कड़ाती ठंड को झेल लेता है, वहीं वसंत के मलय पवन का स्पर्श पाता है। अर्थात दुख के बाद सुख का आना ही मानव जीवन का शाश्वत सत्य है।”

600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

वसंत ऋतु पर अनमोल वचन – Best Quotes on Spring Season

1- कोयल ने छेड़ा तराना है,

हर एक के जुबां पर नया गाना है

फूलों ने रंग बिखेरा है

आया बसंत का जमाना है। । 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

2- बसंत ऋतु के मौसम में

सूरज भी सुस्तता है

हर कली हर डाल पर

एक नया बहार नजर आता है

3- आओ मिलकर दे सर्दी को विदाई

आई रे देखो ऋतू बसंत है आई

फूलों ने मनमोहक सुगंध फैलाई

धरा ने पुनः ली अंगड़ाई। । 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

4- देखो सरसों के खेत को

जैसे कोई दुल्हन मेहंदी लगा कर बैठी हो

गीत गा रहे दादुर पपीहा जैसे कोई सहेली हो। ।

5- बसंत के आने से मानो जीवन में

नया उल्लास आया हो, नई ऊर्जा

नया विश्वास आया हो,

नए लक्ष्य को पाने का अवसर आया हो।

6- आया बसंत छाई खुशियां,

हरी हो गई देखो दुनिया

शारदे मां की करो पूजा

तब करो कोई काम दूजा। । 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi

7- मन में ले माता का नाम, वही करेंगे पूर्ण काम

ज्ञान बुद्धि की है दाता, हृदय से करो प्रणाम। ।

वसंत ऋतु पर अनमोल वचन – Best Quotes on Spring Season

FAQ:-

वसंत ऋतु कब से कब तक रहती है?

वसंत ऋतु फ़रवरी से मार्च तक रहती है?

वसंत ऋतु की क्या क्या विशेषताएँ हैं?

वसंत ऋतु का आगमन होते ही प्रकृति के कण-कण में छिपा श्रीकृष्ण का वैभव एवं ऐश्वर्य प्रकट होने लगता है। चारों दिशाओं से आती कोयल की ‘कुहू कुहू’ आवाज में भक्तों को श्रीकृष्ण की बांसुरी सुनाई पड़ने लगती है। यों तो चैत और बैसाख वसंत ऋतु के मुख्य माह माने जाते हैं, लेकिन माघ की शुक्ल पंचमी या वसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु अपने शुभागमन की सूचना देती है।

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वसंत ऋतु पर  600 शब्दों में निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा में पूछे जाते है। इसलिए आज हम 600 Words Essay speech on Spring Season in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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