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स्वावलंबन पर  600-700 शब्दों में  निबंध, भाषण । 600-700 Words Essay Speech on Self-reliance in Hindi

स्वावलंबन पर  600-700 शब्दों में  निबंध, भाषण । 600-700 Words Essay speech on Self-reliance in Hindi

स्वावलंबन से जुड़े छोटे निबंध जैसे स्वावलंबन पर  600-700 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  600-700 Words Essay speech on Self-reliance in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

600-700 Words Essay Speech on Self-reliance in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

‘स्वावलंबन’ में दो शब्द हैं-‘स्व’ और ‘आलंबन’I ‘स्व’ का अर्थ अपना और ‘आलंबन’ का अर्थ है-सहारा इस प्रकार स्वावलंबन का अर्थ हुआ अपना सहारा स्वयं बनना। दूसरे शब्दों में अपने आत्मबल को जागृत करना ही ‘स्वावलंबन’ कहलाता है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्वावलंबी व्यक्ति के लक्षण बताते हुए कहते हैं

अपना बल तेज जगाता है,

सम्मान जगत से पाता है।

रामधारी सिंह ‘दिनकर’

स्वावलंबी व्यक्ति के सामने असंभव कार्य भी संभव दिखने लगता है। स्वावलंबन के दो पहलू हैं- पहला, आत्म निश्चय और दूसरा, आत्म निर्भरता। इसे निम्नवत दृष्टांत से अच्छी तरह समझा जा सकता है

एक बार विधाता अपनी सृष्टि को देखने निकले। धरती पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि एक किसान फावड़ा लेकर विशाल पर्वत की जड़ खोद रहा है। उन्होंने किसान से इसका कारण पूछा। किसान ने बताया, “आकाश में बादल आते हैं और इस पर्वत से टकराकर इसके दूसरी ओर वर्षा कर देते हैं। मेरे खेत सूखे ही रह जाते हैं। अतः आज इसे मैं हटाकर ही दम लूंगा।” विधाता किसान के स्वावलंबन से प्रभावित होकर आगे बढ़े।

तभी पर्वत गिड़गिड़ाने लगा, “प्रभु! इस किसान से मेरी रक्षा करें।”

विधाता ने पूछा, “तुम एक छोटे से किसान से इतने भयभीत हो ।” पर्वत बोला, “किसान छोटा है, तो क्या? वह स्वावलंबी है। उसका आत्म विश्वास अडिग है। इन दोनों के सहारे वह मुझे हटाकर ही दम लेगा।”

इसके ठीक विपरीत छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूसरों पर आश्रित रहना ‘परावलंबन’ कहलाता है। परावलंबी व्यक्ति हाथ रहते हुए भी लूला और पैर रहते हुए भी लंगड़ा रहता है। जिसमें अपने पैरों पर खड़े होने की सामर्थ्य नहीं है, वह दूसरों का कंधा पकड़कर कब तक चलता रहेगा? एक झटका लगते ही धराशायी हो जाएगा। इसे इस दृष्टांत से समझा जा सकता है-मेज के सहारे एक शीशा रखा था। चंचल चालक ने मेज को थोड़ा सा अलग कर दिया और गिरकर चूर-चूर हो गया। अत: जीवन में जो व्यक्ति दूसरों के सहारे खड़े चाहते हैं, उनका अंत भी ऐसा ही करुण होता है। कहा भी गया की सहायता करता है, जो अपनी सहायता स्वयं करते हैं।

विश्व का इतिहास ऐसे महापुरुषों के उदाहरणों से भरा पड़ा है, स्वावलंबन का सहारा लिया है। महाकवि तुलसीदास बचपन से ही अनाथ वे दाने-दाने के लिए मुहताज रहते थे, फिर भी अपनी आत्मनिर्भरता के सहारे वे स्वतंत्र लेखन करके भारत के लोककवि कहलाए। वहीं विलासी राजाओं का सहारा लेकर केशवदास ने अपनी ख्याति सौमित कर ली।
एक बार अकबर ने सूरदास को वैभव का सहारा देना चाहा, तो उन्होंने इंकार करते हुए कहा

मोको कहां सीकरी सो काम।

सूरदास

ईश्वरचंद विद्यासागर एक निर्धन परिवार की संतान थे। वे सड़क की रोशनी में पढ़ते थे। उन्होंने जो यश अर्जित किया, उसका आधार स्वावलंबन ही था। अब्राहम लिंकन जूते की सिलाई करते थे, लेकिन अपनी आत्मनिर्भरता और अपने आत्मनिश्चय को जगाकर एक दिन वे अमेरिका जैसे शक्तिशाली राष्ट्र के राष्ट्रपति पद पर जा बैठे। इसी तरह छत्रपति शिवाजी, न्यूटन, अकबर, नेपोलियन, शेरशाह तथा महात्मा गांधी इत्यादि अनगिनत नाम हैं।

इस प्रकार स्वावलंबन ही जीवन है और परावलंबन मृत्यु । स्वावलंबन पुण्य है और परावलंबन पाप। अतः हर माता-पिता को चाहिए कि वह बचपन से ही अपने बच्चों में स्वावलंबन की भावना भरें। छात्रों को अपने छोटे-छोटे कार्य–कमरे की सफाई, वस्त्रों की धुलाई, भोजन बनाना आदि स्वयं करने की आदत डालनी चाहिए। ऐसे विद्यार्थी स्वावलंबी बनकर देश के योग्य नागरिक बनते हैं और उनके सहयोग से स्वावलंबी राष्ट्र का निर्माण होता है। अतः कवि मैथलीशरण गुप्त की तरह हमें भी ईश्वर से यह प्रार्थना करनी चाहिए-

यह पाप पूर्ण परावलंबन चूर्ण होकर दूर हो,

फिर स्वावलंबन का हमें पुण्य पाठ पढ़ाइए।

मैथलीशरण गुप्त
600-700 Words Essay speech on Self-reliance

स्वावलंबन पर अनमोल वचन- Self-reliance Quotes in Hindi

जब आप आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करते है,
तब आप आत्मनिर्भर भारत बनाने का प्रयास करते है।

खुद का बिज़नेस खड़ा करने का हो सपना,
सबके सहयोग से आत्मनिर्भर भारत हो अपना।

आत्मनिर्भर भारत को बना कर दिखाना है,
दुश्मनो को भी तरक्की का हुनर सिखाना है।

डिग्री बटोरने की होड़ ना हो,
आत्म निर्भर भारत की दौड़ हो।

पैसों को बचाना सीखों,
उन्हें सही जगह लगाना सीखों।

आत्मनिर्भरता का राग गाओ
खुद में खूब विश्वास जगाओ।

जिनमें साहस होता है वही आत्म निर्भरता की तरफ कदम बढ़ाते है। आत्मनिर्भरता आपके जीवन को खुशियों से भर देता हैं।

सरकारी योजनाएं कागज पर ही दम तोड़ देती है। अगर आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसी योजनाएं सफल हो तो बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है।

जब तक आप नौकरी के लिए पढ़ेंगे तब तक आप आत्मनिर्भर नही बन सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत पर शायरी
जब हर हाथ को काम मिल जाएगा,
तब आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो पायेगा।

फ़िजूल में पैसों को मत उड़ाया करो,
शिक्षा और बिज़नस में लगाया करो

जो लोग मुसीबत को अवसर में बदल देते है। वही लोग आगे चलकर आत्मनिर्भर बनते है और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करते है।

अगर आपमें हुनर है तो आप आत्मनिर्भर है। मुबारक हो आप आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहयोग करते है।

पूरी तरह से जब खत्म भ्रष्टाचार होगा.
तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा

बादल छटेंगे सूरज निकलेगा,
तेरी किस्मत को तू खुद बदलेगा,
खुद पर आत्मविश्वास बनाये रखना
तेरा सितारा भी इक दिन चमकेगा

भ्रष्टाचार से अच्छा कोई व्यवसाय नही है,
ऐसे परिस्थिति में भारत आत्मनिर्भर कैसे बनें

सामान बाहर से मँगाना है,
आत्मनिर्भर भारत बनाना है

आत्मनिर्भरता को अपना अस्त्र बनाना है,
शिक्षा के गुणवत्ता स्तर को खूब बढ़ाना है,
देश की अर्थव्यवस्था में भागीदारी निभाना है,
हम सबको सिर्फ स्वदेशी ही अपनाना है

आत्मविश्वास ही व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है,
वक़्त इंसान को पूरी जिन्दगी कुछ ना कुछ सिखाता है

हमारे गाँव में भी अब रोजगार बढ़ रहा है,
हर गरीब का बच्चा स्कूल जाकर पढ़ रहा है

हे भारत के वीरों तुम चिर निद्रा से जागो,
खुद को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तुम साधो

जब समस्याओं से लड़ने में महारत होगा,
तभी मेरे सपनो का आत्मनिर्भर भारत होगा

जो सोये है उन्हें जगाना है,
भारत को आत्मनिर्भर बनाना है

जब युवा नौकरी की खोज में दर-दर भटकता है,
बड़ी तकलीफ होती है, मेरे दिल को खटकता है

मैं आत्मनिर्भर बनूँगा तो एक आत्मनिर्भर बनेगा,
सब आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश आत्मनिर्भर बनेगा

स्वावलंबन पर अनमोल वचन- Self-reliance Quotes in Hindi

FAQ

स्वावलंबन क्या है?

स्वावलंबन का अर्थ हुआ अपना सहारा स्वयं बनना। दूसरे शब्दों में अपने आत्मबल को जागृत करना ही ‘स्वावलंबन’ कहलाता है।

स्वावलंबन का क्या अर्थ है?

‘स्वावलंबन’ में दो शब्द हैं-‘स्व’ और ‘आलंबन’1’स्व’ का अर्थ अपना और ‘आलंबन’ का अर्थ है-सहारा इस प्रकार स्वावलंबन का अर्थ हुआ अपना सहारा स्वयं बनना।

स्वावलंबन क्या है?

स्वावलंबी व्यक्ति के सामने असंभव कार्य भी संभव दिखने लगता है। स्वावलंबन के दो पहलू हैं- पहला, आत्म निश्चय और दूसरा, आत्म निर्भरता।

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मै आशा करती हूँ कि  स्वावलंबन पर लिखा यह निबंध ( स्वावलंबन पर  600-700 शब्दों में  निबंध,भाषण । 600-700 Words Essay speech on Self-reliance in Hindi) आपको पसंद आया होगा I साथ ही साथ आप यह निबंध/लेख अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर साझा (Share) करेंगें I

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