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इंदिरा गांधी  पर  600-700 शब्दों में  निबंध, भाषण । 600-700 Words Essay speech on Indira Gandhi in Hindi

इंदिरा गांधी  पर  600-700 शब्दों में  निबंध, भाषण – 600-700 Words Essay speech on Indira Gandhi in Hindi

इंदिरा गांधी  से जुड़े छोटे निबंध जैसे इंदिरा गांधी  पर  600-700 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  600-700 Words Essay speech on Indira Gandhi in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

600-700 Words Essay speech on Indira Gandhi in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपना जीवन मातृभूमि के गौरव की रक्षा में समर्पित कर दिया। आदर्श पिता की आदर्श पुत्री इंदिरा जी के विषय में एक विदेशी लेखक माइक किंग्सले ने काफी नपे में तुले शब्दों में कहा है, “अप्रतिम सौंदर्य और शील के साथ जब बौद्धिक चेतना का संयोग होता है, तब उसका नाम हो जाता है-इंदिरा गांधी।”

इंदिरा गांधी-600-700 Words Essay speech on Indira Gandhi

इंदिरा गांधी का जन्म इलाहाबाद के आनंद भवन में 19 नवंबर, 1917 को हुआ था। इनके पिता का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा माता का नाम कमला नेहरू था। बचपन में ही इनकी मां चल बसी थीं। अतएव उनका लालन-पालन दादा मोतीलाल नेहरू और पिता जवाहरलाल नेहरू की देख-रेख में हुआ। वे बचपन से ही देखने में सुंदर एवं आकर्षक थीं। लोग उन्हें प्यार से ‘इंदिरा प्रियदर्शिनी’ कहते थे। ये प्रखर बुद्धि की महिला थीं। उन्होंने अपने कार्यों से अपने आपको योग्य पिता की योग्य पुत्री साबित किया ।

श्रीमती इंदिरा गांधी की प्रारंभिक शिक्षा इलाहाबाद में हुई। हाई स्कूल की परीक्षा इन्होंने पुणे में पास की। विदेशों में भी इन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी। भारतीय कला और संस्कृति की शिक्षा इन्होंने शांति निकेतन में पाई। शांति निकेतन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की देख-रेख में इनका चतुर्दिक विकास हुआ। इसके अलावा अपने पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ देश-विदेश में भ्रमण से भी इन्हें काफी व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ था।

सन 1942 में इंदिरा जी की शादी फिरोज गांधी के साथ हुई। इनके दो पुत्र हुए-राजीव गांधी और संजय गांधी। सन 1950 में ये अखिल भारतीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। सन 1964 में जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद लालबहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री बने। इंदिरा जी शास्त्री जी के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं। सन 1966 में ताशकंद में शास्त्री जी का अचानक निधन हो जाने पर मोरारजी देसाई के साथ प्रधानमंत्री पद के लिए जोरदार टक्कर हुई, जिसमें इंदिरा गांधी विजयी रहीं। इस प्रकार स्वतंत्र भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनने का इन्हें महान गौरव प्राप्त हुआ।

इंदिरा गांधी ने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में भारत से गरीबी मिटाने का अथक प्रयास किया। इन्होंने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। फलत: बैंकों के रुपये भारत की गरीबी मिटाने में लगाए गए। इन्होंने प्रिवीपर्स अर्थात राजाओं को मुफ्त में सरकार से मिलने वाली सहायता राशि को समाप्त किया। इस प्रकार इंदिरा जी द्वारा दो महत्वपूर्ण कार्य आर्थिक दृष्टि से किए गए। इसके अलावा इन्होंने बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुआत की, जो आज भी चल रहे हैं। परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष कार्यक्रम में इंदिरा जी ने विशेष रुचि लेकर भारत को सम्मानजनक स्थिति में खड़ा किया। इनके कुशल नेतृत्व में बंगलादेश को आजादी मिली। इन घटनाओं से विश्व राजनीति में इनकी तूती बोलने लगी।

इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हमारा देश भारत विश्व की एक शक्ति बनता जा रहा था। ऐसे में विदेशी ताकतों को यह बात अच्छी नहीं लगी। फलत: आतंकवादी शक्तियों ने इनकी सुरक्षा में लगे दो प्रहरियों द्वारा 31 अक्टूबर, 1984 को इनकी हत्या करवा दी। इंदिरा जी महान देशभक्त थीं। मरने से पहले उड़ीसा की आखिरी जनसभा में उनके ये शब्द गूंजे थे, जो अत्यंत मार्मिक हैं, “मैं अपने देश की एकता और अखंडता की रक्षा अपने खून की एक-एक बूंद से करूंगी।” इंदिरा गांधी के बलिदान ने इसे सत्य सिद्ध किया।

पाकिस्तान के साथ युद्ध में इंदिरा जी ने जिस प्रकार धैर्य और साहस का परिचय दिया, पश्चिमी देश के अखबारों ने इन्हें ‘जोन ऑफ आर्क’ कहा। इन्हें शक्ति का प्रतिरूप माना गया। शांति और युद्ध – दोनों कालों में अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से ये किसी दूसरे राजनीतिज्ञ से कहीं आगे निकल गईं। जब शांति का समय आया, तो पंडित नेहरू के आदर्शों पर चलीं और युद्ध काल में चर्चिल के आदर्शों को अपनाया। वे जहां मोम के समान अत्यंत कोमल थीं, वहीं इस्पात की तरह काफी कठोर भी थीं। उनके जन्म पर सरोजनी नायडू ने बधाई देते हुए लिखा था, “इंदिरा भारत की नई आत्मा हैं। इनकी कर्तव्य निष्ठा और सफलता भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखी जाएगी।”

इंदिरा गांधी को किसने और क्यों मारा?

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 को नई दिल्ली के सफदरगंज रोड स्थित उनके आवास पर सुबह 9:29 बजे की गई थी। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद उनके सिख अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने गोली मार कर उनकी हत्या की थी।

इंदिरा गांधी की जीवनी के लेखक कौन है?

पुपुल जयकर

इंदिरा गांधी का स्वर्गवास कब हुआ था?

31 October 1984

इंदिरा गांधी का जन्म कब और कहां हुआ?

19 November 1917 Allahabad (Prayagraj)

इंदिरा गांधी का पति कौन था?

फ़िरोज गाँधी

इंदिरा गांधी का असली नाम क्या था?

इंदिरा गांधी के बचपन का नाम इंदिरा प्रियदर्शनी था।

इंदिरा गांधी के कितने बच्चे थे?

2 , राजीव और संजय गांधी

इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री कब बनी?

1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं।

इंदिरा गांधी का हसबैंड कौन था?

फ़िरोज गाँधी

फिरोज़ गांधी का पूरा नाम क्या है?

फिरोज जहांगीर

इंदिरा गांधी की माता का नाम क्या था ?

कमला नेहरु

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नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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