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5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जिसमे फिक्शनल लव स्टोरीज को ज्यादा महत्व दिया जाता हैं रियल लव स्टोरीज को नहीं I लैला-मजनूँ , सोहणी-महिवाल, जोधा-अकबर, रोमियो-जूलिएट, राधा-कृष्ण ऐसी ही जोड़ियों की कहानी सुनकर हम लोग बड़े हुए हैं I

5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

हम आज भी ये मानते हैं कि दोस्ती ही प्यार की पहली सीढ़ी होती है I प्यार चाहे जैसा हो उसको सफल बनाने के लिए पहले दोस्ती जरूरी होती है। दोस्ती के पैकेट में लपेटकर ही प्यार जताया जाना आम बात हो गयी है और लेकिन कईं बार सामने वाला व्यक्ति इस पैकेट को खोल ही नहीं पाता और बात बस दोस्ती तक ही रह जाती है ।

जब भी कपल ( लड़का-लड़की ) के बीच के प्यार को फिल्मो में या फिर साहित्य में दर्शाया जाता है तो उसे रोमांस कहा जाता है, वहीं अगर दोस्ती दो लड़कों के बीच में हो तो उसे आज के समय में ब्रोमान्स कहते है।

रोमांटिक जोड़ियों के बारे में तो हमने कुछ ज्यादा ही पढ़ा, सुना और देखा है । लेकिन आज हम आपको कुछ जानी मानी ऐतिहासिक “ब्रोमांटिक” जोड़ियों के बारे बताते है। और हाँ, याद रखियेगा ये जोड़ियां जय-वीरू की तरह फ़िल्मी नहीं बल्कि सच्ची दोस्ती की सच्ची जोड़ियां है।

इस लिस्ट में पहली जोड़ी है :-

1-कृष्ण-सुदामा की जोड़ी

कृष्ण-सुदामा की जोड़ी (Source)

मान्यता है कि कृष्ण के राजा बनने के बाद जब सुदामा पहली बार उनसे मिलने द्वारका पहुंचे तो कृष्ण अपनी सभा छोड़कर नंगे पैरो दौड़ते हुए उनका स्वागत करने पहुंचे। सुदामा अपने दोस्त कृष्ण के लिए कुछ अनाज लेकर आये थे , किन्तु कृष्ण के राज्य की भव्यता देखकर उन्होंने वो अनाज की पोटली छुपा ली। कृष्ण की नजर जैसे ही उस पोटली पर पड़ी उन्होंने तपाक से उसे सुदामा से छीनते हुए कहा, “क्या छुपाते हो, मेरे लिए भाभी माँ ने कुछ भेजा है, मुझे दो” और पोटली में से अनाज की फाँकियां भर के खाने लगे।
इनकी दोस्ती पर एक अलग पोस्ट लिखी जा सकती है , इतनी प्रगाढ़ दोस्ती थी कृष्ण सुदामा की। 5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

2-अकबर-बीरबल की जोड़ी

अकबर-बीरबल की जोड़ी

जोधा-अकबर से भी पहले से हम अकबर-बीरबल ही सुनते आये है। किन्तु यह जोड़ी कतई फ़िल्मी नहीं है। बीरबल, अकबर के नौ रत्नो में से एक थे और अकबर के करीबी होने के कारण उनके सुख दुःख के साथी भी थे। और दोनो गहरे मित्र भी थे।

बीरबल का असली नाम महेश दास भट्ट था और वे एक संगीतकार, कवि और अच्छे वक्ता होने के कारण अलग अलग राज्यों के दरबार से उनको आमंत्रण थे। और समय के साथ-साथ महेशदास ने अकबर के नौरत्न मंडल में भी जगह बना ली। एक बार एक युद्ध में अपनी युद्धकला से अकबर को जीत दिलाई बस उसके बाद अकबर ने महेशदास को नाम दिया “वीरवर” जो आगे चलकर बीरबल के नाम से जाने-जाने लगे ।5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

3-सचिन-विनोद काम्बली की जोड़ी

सचिन-विनोद काम्बली की जोड़ी

क्रिकेट जगत के भगवान् बनने से पहले सचिन और कांबली लंगोटिया यार हुआ करते थे। साथ में प्रैक्टिस, साथ में स्कूल, साथ में आना-जाना और खाना-पीना। इन दोनो की दोस्ती तगड़ी तो थी ही लेकिन इनकी क्रिकेट की जोड़ी भी कमाल की थी। “हेर्रिस शील्ड” ट्रॉफी के दौरान इन दोनों के बनाये गए 664 रनों के पहाड़ को आज भी हिमालय की तरह से देखा जाता है। दोनों में वैसे तो कोई दूरी नहीं थी लेकिन दोनों ने अलग अलग रास्ते चुने और दूरियां थोड़ी बढ़ गयी। फिर भी हमारी महान दोस्तों की जोड़ी की लिस्ट में इनका नाम आने से कोई नहीं रोक सकता।5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

4-रोजर फेडरर और स्टेन वावरिंका की जोड़ी

रोजर फेडरर और स्टेन वावरिंका

यह दोनों न केवल अच्छे खिलाड़ी है बल्कि बहुत अच्छे दोस्त भी है। इन दोनो का देश तो एक है ही साथ में इनका कोच और फिटनेस ट्रेनर भी एक ही है। दोनों एक दूसरे का दिल से सम्मान और इज्जत करते है। टेनिस की दुनिया में और भी महान दोस्ती के किस्से हैं लेकिन मुझे ये जोड़ी ज्यादा पसंद आयी।5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी

5-दुर्योधन और कर्ण की जोड़ी

दुर्योधन और कर्ण (Source)

यह जोड़ी भी दोस्ती की एक मिसाल है किन्तु सम्मान को प्राप्त न कर सकी। कर्ण एक महान योद्धा, एक संवेदनशील इंसान था। उसके दिल में गरीबो के लिए प्रेम और दया का भाव थाI सूर्य पुत्र होने के बावजूद एक दुर्योधन की दोस्ती ने उसे इतिहास में एक नायक की जगह खलनायक बना दिया। लेकिन फिर भी दोनों ने मित्रता अंत समय तक निभाई।

तो यह थी 5 सबसे पसंदीदा दोस्तों को जोड़ी लेकिन इनके अलावा कुछ और और भी जोड़ियाँ है – जैसे लेरी पेज-सरजी ब्रिन, अमिताभ-अमरसिंह , सलमान-आमिर, सचिन-गांगुली, माधव राव सिंधिया – राजीव गाँधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया -राहुल गांधी।

आपको इन 5 सबसे अच्छे दोस्तों की जोड़ी में से कौन सी जोड़ी सबसे ज्यादा अच्छी लगी या कोई और भी जोड़ी हो जो आपको अच्छी लगती है और इस लिस्ट में नहीं है तो कमेंट करके जरूर बताइयेगा।

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नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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