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राष्ट्र गीत वंदे मातरम् पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण । 200-300 Words Essay speech on National Song Vande Mataram in Hindi

राष्ट्र गीत वंदे मातरम् पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण – 200-300 Words Essay speech on National Song Vande Mataram of India in Hindi

राष्ट्र गीत वंदे मातरम् से जुड़े छोटे निबंध जैसे राष्ट्र गीत वंदे मातरम् पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on National Song Vande Mataram in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on National Song Vande Mataram of India in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

बंगाल में बंगला लेखक, कवि और उपन्यासकार तो बहुत से हुए हैं, पर बंकिम बाबू को अपनी ही एक शैली थी। उन्होंने सन् 1882 में एक उपन्यास लिखा ‘आनंदमठ’। इसमें उत्तर बंगाल में 1773 में हुए संन्यासी विद्रोह का वर्णन किया गया है। बंगला में लिखे गए इस उपन्यास के प्रकाशन पर अंग्रेज सरकार ने रोक लगा दी थी. इसी से आजादी की लड़ाई में इसकी भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है। ‘वंदे मातरम्’ गीत इसी उपन्यास में लिया गया है। इस एकमात्र गीत ने बकिम को अमर बना दिया-इतनी प्रसिद्धि तो महाका को लिखने के बाद भी लोगों को नहीं मिल पाती है। एक तरफ यह गीत क्रांतिकारियों में स्वतंत्रता संग्राम के लिए जोश पैदा करता था, तो वहीं दूसरी और देश की परतंत्रता पर उन्हें दुखी भी करता था।

सन् 1938 में हरीपुर (वारदोली ताल्लुका) में संपन्न हुआ कांग्रेस का अधिवेशन अपने आप में अनूठा और अनुपम था। सारा प्रबंध सरदार पटेल के हाथों में था। लाखों की भीड़ थी वहां पर शांति इतनी थी कि यदि एक कलम हाथ से गिर जाती तो उसकी आवाज कानों में आ पड़ती। इससे पहले ऐसा आदेश पालन किसी कांग्रेस अधिवेशन में देखने को नहीं मिला था।

बिहार के डेलिगेट में लोगों की भीड़ लगी हुई थी। लोग शांत भाव से गांधी जी और उनके साथ सुभाष बाबू के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। सहसा गांधी जी लाठी लिए हुए और सुभाष बाबू गांधी टोपी पहने हुए आकर मंच पर खड़े हो गए। लोगों ने तालियां बजाई और विद्यापीठ की कुछ लड़कियों ने ‘बदेमातरम्’ गाना आरंभ किया। इसे सुनकर देश-प्रेम की भावना से ओत-प्रोत लाखों की भीड़ रो पड़ी ऐसा आकर्षण था इस गीत मेंI

संविधान सभा में 24 जनवरी, 1950 वंदे मातरम् को राष्ट्र गीत के रूप में स्वीकार किया गया। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सन् 2003 में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह शीर्ष गीतों में दूसरे नंबर पर था।

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200-300 Words Essay speech on National Song Vande Mataram of India in English

200-300 Words Essay speech on National Song Vande Mataram

There have been many Bengali writers, poets, and novelists in Bengal, but Banim Babu had a style of his own. He wrote the novel ‘Anandmath’ in 1882. It describes the Sanyasi rebellion that took place in North Bengal in 1773. The publication of this novel written in Bangla was banned by the British government. From this, its role in the freedom struggle can be gauged. The song ‘Vande Mataram’ is taken from this novel. This single song made Bakim immortal – fame that people do not get even after writing Mahaka. On the one hand, this song used to create enthusiasm for the freedom struggle among the revolutionaries, while on the other hand it also saddened them on the country’s independence.

The Congress session that was held in Haripur (Vardoli taluka) in 1938 was unique and unique in itself. All the management was in the hands of Sardar Patel. There was a crowd of lakhs, there was so much peace that if a pen fell from the hand, its voice would come in the ears. Earlier such an order was not observed in any Congress session.

There was a crowd of people in the delegate of Bihar. People were waiting calmly for Gandhiji and Subhash Babu to accompany him. Suddenly Gandhiji came and stood on the stage wearing a stick and Subhash Babu Gandhi came wearing a cap. People applauded and some girls of Vidyapeeth started singing ‘Bade Mataram’. Hearing this, a crowd of lakhs filled with the feeling of patriotism cried, such was the attraction, in this song.

Vande Mataram was accepted as the national song in the Constituent Assembly on January 24, 1950. Its popularity can be gauged from the fact that in 2003 it was ranked second among the top songs in an international survey conducted by the BBC World Service.


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