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मुंशी प्रेमचंद पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण । 200-300 Words Essay speech on Munshi Premchand in Hindi

मुंशी प्रेमचंद पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण – 200-300 Words Essay speech on Munshi Premchand in Hindi

मुंशी प्रेमचंद से जुड़े छोटे निबंध जैसे मुंशी प्रेमचंदपर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on Munshi Premchand in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

Table of Contents

200-300 Words Essay, speech on Munshi Premchand in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

हिंदी साहित्य के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले और लोकप्रिय लेखक प्रेमचंद ने हिंदी में कहानियों और उपन्यासों को सुदृढ़ आधार दिया। इनकी कहानियां भारतीय समाज की कुरीतियों और विडंबनाओं पर आधारित हैं।

मुंशी प्रेमचंद का जन्म वाराणसी के निकट लमही गांव में 31 जुलाई, 1880 में हुआ था। मुंशी प्रेमचंद जी का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। इन्होंने अपने प्रिय मित्र मुंशी दयानारायण निगम के सुझाव पर अपना नाम धनपतराय की जगह प्रेमचंद रखा और इसी नाम से कहानियों और उपन्यासों के रूप में अपने विचारों और भावों को अभिव्यक्ति दी।

इनके पिता का नाम अजायब राय था। इनके पिता डाकखाने में निगरानी करते थे। इनकी माता का नाम आनंदी था। उस समय बाल विवाह का चलन था। इसलिए प्रेमचंद जी का विवाह भी 15 वर्ष की उम्र में हो गया था। जब गांधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू किया तो उनके विचारों से प्रभावित होकर इन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से त्याग-पत्र दे दिया।

मुंशी प्रेमचंद जी ने कई प्रसिद्ध उपन्यास लिखे-जैसे, सेवासदन, निर्मला, गोदान, गबन, कर्मभूमि और रंगभूमि आदि। इनकी कहानियों को ‘मानसरोवर’ में, जो एक संग्रह ग्रंथ है. बाद में एक साथ प्रकाशित किया गया।

बंगाल के विख्यात उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने इन्हें ‘उपन्यास सम्राट‘ कहकर संबोधित किया है। इनका साहित्य पढ़ते समय ऐसा लगता है, मानो आप उस दृश्य को अपनी खुली आंखों से देख रहे हों, जिसका चित्रण रचनाकार ने किया है।

इनकी कहानियों या उपन्यासों के पात्र कल्पना की उपज नहीं, बल्कि पूर्णरूप से सजीव लगते हैं। इसीलिए विश्व का साहित्य जगत इनका विशेष रूप से सम्मान करता है। ये हिंदी सिनेमा के सबसे अधिक लोकप्रिय साहित्यकारों में से एक हैं। इनका 8 अक्टूबर, 1936 को वाराणसी में निधन हो गया।

200-300 Words Essay speech on Munshi Premchand

FAQ

प्रेमचंद का असली नाम क्या था?

प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था I

मुंशी प्रेमचंद शुरू में किस नाम से लेखन कार्य करते थे?

धनपत राय I

प्रेमचंद जी की पत्नी का नाम क्या है?

शिवरानी देवी I

मुंशी प्रेमचंद की कितनी पत्नियां थी?

एक , शिवरानी देवी I

प्रेमचंद की जीवनी का क्या नाम था?

प्रेमचंद की पत्नी शिवरानी देवी ने उनकी जीवनी लिखी थी उस जीवनी का नाम बूढ़ी काकी था I

प्रेमचंद की कौन सी रचना पर प्रतिबंध लगाया गया था ?

‘सोज़े वतन’ I

प्रेमचंद की किस कहानी को अंग्रेजों ने जब्त कर लिया था और कब?

सोज़े-वतन, 1910 में I

मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित अंतिम कहानी कौन सी थी ?

मुंशी प्रेमचन्द की आखिरी रचना उनका उपन्यास मंगलसूत्र था । मुंशी प्रेमचंद के निधन के बाद उनका अधूरा उपन्यास उनके बेटे द्वारा पूरा किया गया।

मुंशी प्रेमचंद जी ने 1934 में एक हिन्दी फिल्म में एक छोटा सा रोल निभाया था उस फिल्म का नाम क्या था?

‘मिल मजदूर’ जो 1934 में बनी थीI

मुंशी प्रेमचंद की कहानी कौन कौन सी है?

आत्माराम,2. दो बैलों की कथा,3. आल्हा,4. इज्जत का खून,5. इस्तीफा,6. ईदगाह,7. कप्तान साहब,8. कर्मों का फल,9. क्रिकेट मैच,10. कवच,11. क़ातिल,12. कोई दुख न हो तो बकरी खरीद ला,13. गैरत की कटार,14. गुल्‍ली डण्डा,15. घमण्ड का पुतला,16. ज्‍योति,17. जेल,18. जुलूस,19. झांकी,20. ठाकुर का कुआं,21. त्रिया-चरित्र,22. तांगेवाले की बड़,23. दण्ड,24. दुर्गा का मन्दिर,25.पूस की रात,26. बड़े घर की बेटी,27. बड़े बाबू,28. बड़े भाई साहब,29. बन्द दरवाजा,30. बोहनी,31. मैकू,32. मन्त्र,33.सौत,34. नमक का दरोगा,35.सवा सेर गेहुँ,36.कफ़न,37.पंच परमेश्वर I

मुंशी प्रेमचंद के प्रमुख उपन्यास कौन कौन से है?

1.रूठी रानी,2.वरदान,3. सेवा सदन,4. प्रेमाश्रम,5. रंगभूमि,6. निर्मला,7. प्रतिज्ञा,8. कर्मभूमि,9. गबन,10. गोदान,11. मंगलसूत्र (अधूरा) जो कि बाद में उनके पुत्र ने पूरा किया था I

मुंशी प्रेमचंद की मृत्यु कब हुई थी?

8 अक्तूबर, 1936

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नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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