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पुस्तकालय पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण । 200-300 Words Essay speech on Library in Hindi

पुस्तकालय पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण – 200-300 Words Essay speech on Library in Hindi

पुस्तकालय से जुड़े छोटे निबंध जैसे पुस्तकालय पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on Library in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on Library in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

पुस्तकालय वह स्थान है, जहां विविध प्रकार को ज्ञान संबंधी सूचनाओं, स्रोतों, सेवाओं आदि का संग्रह रहता है। पुस्तकालय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-पुस्तक+आलय। जिसमें लेखक के भाव और विचार संग्रहीत हों, उसे पुस्तक कहा जाता है और स्थान या घर को आलय कहते हैं।

इस प्रकार पुस्तकालय उस स्थान को कहते हैं, जहां पर अध्ययन सामग्री (पुस्तकें, फिल्म पत्र-पत्रिकाएं, मानचित्र, हस्तलिखित ग्रंथ, ग्रामोफोन, रेकॉर्ड) एवं अन्य पठनीय सामग्री संग्रहीत रहती है और इस सामग्री की सुरक्षा की जाती है।

ज्ञान-विज्ञान की असीम प्रगति के साथ पुस्तकालयों की सामाजिक उपयोगिता और अधिक बढ़ गयी है। युग-युग की साधना से मनुष्य ने जो ज्ञान अर्जित किया है, वह पुस्तकों में संकलित होकर पुस्तकालयों में सुरक्षित है।

ये पुस्तकें जनसाधारण के लिए सुलभ होती हैं। पुस्तकालयों में अच्छे स्तर की पुस्तकें रखी जाती हैं। उनमें कुछेक पुस्तकें अथवा ग्रंथमालाएं इतनी महंगी होती हैं कि सर्वसाधारण के लिए उन्हें स्वयं खरीदकर पढ़ना संभव नहीं हो पाता।

यह बात संदर्भ ग्रंथों पर विशेष रूप से लागू होती है। बड़ी-बड़ी जिल्दों के शब्दकोशों और विश्वकोशों तथा इतिहास पुरातत्त्व की बहुमूल्य पुस्तकों को एक साथ पढ़ने का सुअवसर पुस्तकालयों में ही संभव हो पाता है।

इतना ही नहीं. असंख्य दुर्लभ पांडुलिपियां भी हमें पुस्तकालयों में संरक्षित मिलती हैं। आज के बदलते परिवेश में किसी भी विषय में संबंधित जानकारी पाना ‘सर्च इंजन’ गूगल आदि के माध्यम से बहुत आसान हो गया है, लेकिन यह भी सुनिश्चित है कि उनके आधार पर शोध कार्य कर पाना असंभव सा ही है।

फिर इन माध्यमों की पहुंच से अभी देश का काफी प्रतिशत हिस्सा वचित है। इसलिए आज आवश्यकता है कि नगर-नगर में अच्छे और संपन्न पुस्तकालय खुलें, जिनसे बच्चों की पुस्तकें पढ़ने में रुचि बढ़े और देश की युवा प्रतिभाओं को विकास के सुअवसर सहज सुलभ हों।

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200-300 Words Essay speech on Library in English

200-300 Words Essay speech on Library in Hindi

A library is a place where various types of knowledge-related information, sources, services, etc. The word library is made up of two words- Book + Aalaya. In which the feelings and thoughts of the author are stored, it is called the book, and the place or house is called alaya.

In this way, the library is called the place where study material (books, films, magazines, maps, handwritten texts, gramophone, records) and other reading material are stored and this material is protected.

With the immense progress of knowledge science, the social utility of libraries has increased further. The knowledge acquired by man through the practice of the ages is collected in books and is kept in the libraries.

These books are accessible to the general public. Good quality books are kept in the libraries. Some books or bibliographies in them are so expensive that it is not possible for the general public to buy them and read them.

This is especially true of reference texts. The opportunity to read large volumes of dictionaries and encyclopedias and valuable books of history archeology together is possible only in libraries.

Not only this. We also find innumerable rare manuscripts preserved in libraries. In today’s changing environment, it has become very easy to find related information in any subject through ‘search engine’ Google, etc., but it is also sure that it is impossible to do research work on their basis.

Then a large percentage of the country is still deprived of the reach of these mediums. Therefore, today it is necessary that good and prosperous libraries should be opened in the city-town, which increases the interest in reading children’s books and opportunities for development are easily accessible to the young talents of the country.


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