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आलस्य पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण । 200-300 Words Essay speech on Laziness in Hindi

आलस्य पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण – 200-300 Words Essay speech on Laziness in Hindi

आलस्यसे जुड़े छोटे निबंध जैसे आलस्य पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on Laziness in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on Laziness in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

नीतिकारों ने आलस्य को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु बताया है। यह कोई किताबी बात नहीं है। रोजमर्रा के जीवन से भी इस बात की पुष्टि होती है। जो व्यक्ति आलसी होता है, वह हर कार्य करने से पहले ही अनुत्साह दिखाने लगता है। उसके प्रति आपने यह पंक्ति सुनी ही होगी-‘दैव दैव आलसी पुकारा’।

आलस्य एक ऐसा रोग है, जिसका रोगी कभी नहीं संभलता। यदि किसी को असफलता या पराजय का मुख देखना पड़ता है, तो वह सिर्फ आलस्य के कारण ज्यादातर जो लोग आलसी होते हैं, वे केवल अपने भाग्य को ही कोसते रहते हैं। वे सोचते हैं कि जो भाग्य में लिखा है, वही होगा।

वो यह भूल जाते हैं कि भाग्य का निर्माण पुरुषार्थ से ही होता है। अपने जीवन में हमें आलस्य के अनेक परिणाम देखने को मिलते हैं लेकिन तब पछतावा ही हाथ लगता है। ज्यादातर बच्चे आलस्य के कारण प्रातः देर से उठते हैं और बिना स्नान किए पागलों की तरह विद्यालय भाग जाते हैं। कभी-कभी आलस्य के कारण अपनी स्कूल की ड्रेस तक प्रेस नहीं करते।

फिर यदि बिजली चली जाती है तो बिजली वालों को कोसते हैं कि ‘यही समय मिला था. बिजली गुल करने के लिए।’ आलस्य के कारण हम अपने शरीर को भी बहुत कष्ट देते हैं। बिना हाथ धोए भोजन करने बैठ जाना, भोजन करने के बाद भी आलस्य के कारण हाथ तथा मुंह न धोना, जैसी आदतें अनेक बीमारियों की जड़ हैं।

आलसी व्यक्ति को विद्यार्थी जीवन में ही नहीं, पूरे जीवन भर दुखों का सामना करना पड़ता है। परीक्षाओं के समय न पढ़ना और फिर परिणाम के समय भगवान से प्रथम आने की प्रार्थना करना कितना सही है ऐसे में तो भगवान भी साथ छोड़ देंगे। वो पुरुषार्थ करने वालों का साथ देते हैं, आलसी लोगों का नहीं।

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200-300 Words Essay speech on Laziness in English

200-300 Words Essay speech on Laziness

Ethics have described laziness as the biggest enemy of man. This is not a book thing. This is also confirmed by everyday life. The person who is lazy starts showing enthusiasm even before doing every work.

Laziness is such a disease, which the patient can never cure. If one has to face failure or defeat, it is only because of laziness, most of the people who are lazy, keep cursing only their fate. They think that whatever is written in fate, that will happen.

They forget that destiny is created by effort. In our life, we get to see many consequences of laziness, but then only regret comes. Most of the children wake up late in the morning due to laziness and run like crazy to school without taking a bath. Sometimes due to laziness, they do not even press their school dress.

Then if the power goes out, then curse the electricians that ‘this is the time.’ To cut off the power.’ Due to laziness, we also give a lot of trouble to our bodies. Habits like sitting down to eat food without washing hands, not washing hands and mouth due to laziness even after eating are the root of many diseases.

A lazy person has to face miseries throughout life, not only in student life. How right is it to not study at the time of examinations and then pray to God to come first at the time of results, in such a situation even God will leave with you? He supports those who make effort, not lazy people.


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