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गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव  पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण । 200-300 Words Essay speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav in Hindi

गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव  पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण – 200-300 Words Essay speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav in Hindi

गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव से जुड़े छोटे निबंध जैसे गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav in Hindi for Class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

भादो माह की शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इसमें दस दिन तक गणेश जी की पूजा की जाती है और अंत में चतुर्दशी वाले दिन यह उत्सव गणेश मूर्तियों के जल-विसर्जन के साथ समाप्त होता है। वैसे तो जहां भी हिंदू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं,

इस पर्व की अपनी ही शान होती है, लेकिन महाराष्ट्र में गणपति उत्सव के दौरान लोगों में उत्साह देखते ही बनता है। भक्ति और उमंग का पर्व है यह गणपति महोत्सव।

सन् 1893 में लोकमान्य तिलक ने ब्राह्मणों और गैर ब्राह्मणों के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए ऐलान किया कि गणेश भगवान सभी के देवता हैं। इस उद्देश्य से उन्होंने गणेश उत्सव के सार्वजनिक आयोजन किए और समाज सुधारक लोकमान्य तिलक का यह प्रयास एकता की एक मिसाल साबित हुआ। इससे सामाजिक कटुता खत्म करने में भी सहायता मिली। संबंध मधुर बने। स्वतंत्रता के संघर्ष में भी इसकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है।

भगवान गणेश जी को मंगलमूर्ति और विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। बुद्धि, समृद्धि और वैभव का देवता मानकर इनकी पूजा की जाती है। भगवान शिव और पार्वती जी के पुत्र हैं गणेश जी गणेश जी का चेहरा हाथी का है। इनकी सवारी मूषक (चूहा) है।

मान्यता है कि जब श्री वेदव्यास महाभारत की रचना कर रहे थे तब उन्होंने गणेश जी का स्मरण किया। वे चाहते थे कि श्री गणेश ही इसका लेखन करें। गणेश जी इस पवित्र कार्य के लिए तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी कि जब तक वेदव्यास जी बोलते रहेंगे, तब तक ही वे लिखेंगे। जब वे बोलना बंद कर देंगे, तब वे भी लिखना बंद कर देंगे और ऐसा हुआ भी।

गणेश जी ने ही सबको संदेश दिया कि माता-पिता से बढ़कर कुछ नहीं है, उनके चरणों में ही तीनों लोक हैं। इसके बाद से ही उनकी सर्वप्रथम पूजा होने लगी। बढ़ों का सम्मान करने वाला ही तो सम्मान पाता है।

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200-300 Words Essay speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav in English

200-300 Words Essay speech on Ganesh Chaturthi Ganeshotsav

Shukla Chaturthi of Bhado month is celebrated as Ganesh Chaturthi. In this, Ganesh ji is worshiped for ten days, and finally, on Chaturdashi, the festival ends with water immersion of Ganesh idols. By the way, wherever people who believe in Hinduism live,

This festival has its own glory, but during the Ganpati festival in Maharashtra, enthusiasm is created in the people. This Ganpati festival is a festival of devotion and enthusiasm.

In 1893, Lokmanya Tilak declared that Lord Ganesha is the deity of all to bridge the gap between Brahmins and non-Brahmins. For this purpose, he organized public events of the Ganesh festival, and this effort of social reformer Lokmanya Tilak proved to be an example of unity. It also helped in ending social animosity. Relations became sweet. It has also played an important role in the struggle for independence.

Lord Ganesha is also known as Mangalmurti and Vighnaharta. He is worshiped as the god of wisdom, prosperity, and splendor. The son of Lord Shiva and Parvati, Ganesh ji has the face of an elephant. Their ride is a mouse (rat).

It is believed that when Shri Ved Vyas was composing the Mahabharata, he remembered Ganesha. They wanted Shri Ganesh to write it. Ganesh Ji agreed to this pious task, but he put a condition that as long as Ved Vyas Ji keeps speaking, he will write-only. When they stop speaking, they will stop writing and it happened.

It is Ganesh ji who gave the message to everyone that there is nothing more than parents, all the three worlds are at their feet. From then onwards he was first worshipped. Only the one who respects elders gets respect.


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