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दूरदर्शन  पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण । 200-300 Words Essay speech on Doordarshan in Hindi

दूरदर्शन  पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण – 200-300 Words Essay speech on Doordarshan in Hindi

दूरदर्शन से जुड़े छोटे निबंध जैसे दूरदर्शन  पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध,भाषण  स्कूल में कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11,और 12 में  पूछे जाते है। इसलिए आज हम  200-300 Words Essay speech on Doordarshan in Hindi के बारे में बात करेंगे ।

200-300 Words Essay, speech on Doordarshan in Hindi 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12

सन् 1901 में मारकोनी नामक वैज्ञानिक ने रेडियो का आविष्कार किया था। इसकी सहायता से हम देश-विदेश में होने वाले कार्यक्रम सुन सकते हैं। टीवी इसी रेडियो का विकसित रूप है। सन् 1926 में जे एल ब्रेयर्ड ने लोगों को टेलीविजन से परिचित कराया। इसके माध्यम से अब तक उन कार्यक्रमों को. हम केवल सुन सकते थे, अब देख पाना भी संभव हो गया था। 1959 में दिल्ली में पहला दूरदर्शन केंद्र स्थापित किया गया। आज दूरदर्शन मनोरंजन का एक लोकप्रिय साधन बन गया है। ऐसा होने के पीछे कारण हैं. देखा-सुना गया मन में बहुत गहरे तक अपना प्रभाव छोड़ता है।

दूरदर्शन के काफी लाभ हैं। इसमें प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से लोग सोधे प्रभावित होते हैं। नाटक, संगीत, कला आदि से लोगों में सांस्कृतिक रुचि विकसित होती है। खेलों के सीधे प्रसारण से युवा वर्ग में खेलों के प्रति रुचि बड़ती है, जबकि धार्मिक कार्यक्रम उन्हें संस्कृति और धर्म से परिचित कराते हैं। इन दिनों शिक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के विकसित होने के कारण ऐसे विद्यार्थियों को काफी लाभ हुआ है, जिनके पास उच्च शिक्षा की तथा उसके मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।

प्रत्येक खोज के दोनों पहलू हैं। लाभ के साथ हानि का जुड़ा होना स्वाभाविक है। दूरदर्शन के संदर्भ में भी कुछ ऐसा ही है। लोग अपना बहुत सा समय टीवी देखने में खर्च कर देते हैं। यह एक लत बन जाती है। ज्यादा समय तक टीवी देखने से लोगों में आपसी मेलजोल कम हो जाता है। इससे मनुष्य के सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आती है। अधिक टीवी देखने से आंखें कमजोर होती हैं।

अतः एक निर्धारित समय पर ही टीवी देखना चाहिए, जिससे लाभ तो पूरा हो, लेकिन हानि नहीं।

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200-300 Words Essay speech on Doordarshan in English

200-300 Words Essay speech on Doordarshan

In 1901, a scientist named Marconi invented the radio. With the help of this, we can listen to programs happening in the country and abroad. TV is an evolved form of this radio. In 1926, J. L. Breyd introduced people to television. Through this so far those programs. We could only hear, now it was possible to see. The first Doordarshan Kendra was established in Delhi in 1959. Today Doordarshan has become a popular means of entertainment. There are reasons behind this happening. Seen and heard leaves its effect very deep in the mind.

Doordarshan has many benefits. People are directly affected by the programs broadcast in it. Cultural interest is developed in people through drama, music, art, etc. The live telecast of sports inculcates interest in sports among the youth, while religious programs introduce them to culture and religion. These days, due to the development of various programs related to education, such students have benefited a lot, who did not have the facilities of higher education and its guidance.

Every quest has both sides. It is natural for profit to be associated with loss. The same is the case with Doordarshan as well. People spend a lot of their time watching TV. It becomes an addiction. Watching TV for a long time reduces the interaction between people. This has a bad effect on the social life of man. There is a hindrance in the studies of the students. Watching too much TV weakens the eyes.

Therefore, one should watch TV only at a specified time, so that the profit is complete, but not the loss.


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