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तिरंगे से जुड़े 7 तथ्य- जो हर सच्चे भारतीय को जानना चहिये I

तिरंगे से जुड़े 7 तथ्य जो हर सच्चे भारतीय को जानना चाहिये

  • राष्ट्रीय ध्वज किसी राष्ट्र की स्वतंत्रता का परिचायक है। प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक ध्वज होता है, जिसे ‘राष्ट्रीय ध्वज’ कहा जाता है। भारत 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्र हुआ और 22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा द्वारा तिरंगे को स्वतंत्र भारत के ‘राष्ट्रीय ध्वज’ के रूप में स्वीकार किया गया।
  • पहला राष्‍ट्रीय ध्‍वज 7 अगस्‍त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क) कलकत्ता में फहराया गया था. जिसे अब कोलकाता कहते हैंI
  • मैडम भीकाजी कामा ने भारत का पहला झंडा फहरायाI
  • पिंगली वेंकैया ने साल 1916 से 1921 तक करीब 30 देशों के राष्ट्रीय ध्वज का अध्ययन किया, जिसके बाद उन्होंने तिरंगे को डिजाइन किया था।
  • राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा की झंडा समिति तदर्थ समिति के अध्यक्ष थेI
  • भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है. बीच में स्थित सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्‍य का प्रतीक है. निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती हैI
  • अशोक चक्र धर्मचक्र का प्रतीक है।

स्टोरी लिंक

भारत का राष्ट्रीय ध्वज पर  300 शब्दों में  निबंध, भाषण

भारत का राष्ट्रीय चिह्न पर  200 – 300 शब्दों में  निबंध, भाषण

नमस्कार , मेरा नाम अंजू वर्मा है | मै उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव से हूँ | मै हिंदी भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट हूँ| हिंदी साहित्य में मेरा जुड़ाव बचपन से ही रहा है इसीलिए मैंने परास्नातक के लिये हिंदी को ही एक विषय के रूप में चुना |अंग्रेजी के इस दौर में जहाँ हिंदी एक स्लोगन बनता जा रहा है जबकि जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा हिंदी भाषी है |लेकिन हम अंग्रेजी बोंलने को एक हाई सोसाइटी से जुड़ाव का माध्यम मानने लगे हैं | मुझे कुकिंग, घूमने एवम लिखने का शौक है मै ज्यादातर हिंदी भाषा , मोटिवेशनल कहानी, और फेमस लोगों के बारे में लिखती हूँ |

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